अपने काम की कल्पना जीवन के उत्थान और सफलता व्यवहारिक जीवन में सकारात्मक महत्त्व रखता है

काम पर कल्पना

अपने काम की कल्पना करना आज के समय के हालत के अनुशार से बहुत जरूरी हो गया है।

एक तरफ महा बीमारी ने अपना जगह बना लिया है।

तो दूसरी तरफ उद्योग कही न कही सब नुकसान झेल रहे है।

कुछ ही उपक्रम ठीक चल रहे है। ऐसे माहौल में बेरोजगारी उत्पन्न होना कोई नई बात नहीं रह गया है।

 

कर्मचारी हो या तकनिकी विशेषज्ञ कही न कही बेरोजगारी के वज़ह से पड़ेशान है।

ऐसे हालात में आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी हो गया है।

अपने काम की कल्पना मे काम धंदा के प्रगति के लिए कल्पना करने के लिए बहुत ऐसे विषय है।

जो अपने अपने क्षेत्र से जुड़े हुए है। हर ब्यक्ति किसी न किसी क्षेत्र में कुछ जानकर या विशेषज्ञ जरूर है।

अपने प्रतिभा को माध्यम बनाकर आगे बढ़ना चाहिये।

कोई भी व्यवसाय या उपक्रम एका एक आगे नहीं बढ़ता है।

व्यवसाय धीरे धीरे बढ़ता होता है। पहले कोई एक शुरुआत करता है।

 

मेहनत और लगन से आगे बढ़ता है। धीरे धीरे प्रगति करता है।

जो कार्य व्यवसाय अपने मन को अच्छा लगता है। उसकी कल्पना प्रयास को बढाता है। कही न कही से व्यवसाय क्यों नहीं मिलेगा? मेहनत और प्रयास कभी ब्यर्थ नहीं जाता है। जैसा कल्पना घटित होता है। मन का झुकाओ भी उसी क्षेत्र में होता है। मन एक बार अपने कार्य में लग जाए। तो उत्पादन अवश्य होगा। इससे जीवन में उन्नति होगा ही। इसलिए अपने काम व्यवसाय सेवा से जुड़े हुए क्षेत्र में प्रगति के लिए कामना करना ही चाहिये।   

अपने काम की कल्पना
अपने काम की कल्पना

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