फाइबर ग्लास का काम करना सीखे। Study, Learn and Theory of Fiberglass.

 फाइबर ग्लास का काम करना सीखे। 

Theory Study and Learn Fiberglass 

 

फाइबर ग्लास के मोल्ड को तैयार करना  

Mold making in fiberglass

फाइबर ग्लास के मोल्ड को तैयार करने के लिए जिस वस्तु का मोल्ड बनान है.  उस वस्तु को कायदे से साफ सफाई कीया जाता है.  सब जगह पर रिलीसिंग वैक्स लगाया जाता है.  उसके बाद पीवी लगाया जाता है.  सूखने के बाद वस्तु के साइज के हिसाब से, अंधरुनि भाग और बाहरी भाग को समझ कर  फाइबर ग्लास के मोल्ड के टुकड़े का निर्धारण किया जाता है.
  
पेपर, कार्ड बोड, मिटटी जो उपलब्ध हो उससे १.५  इंच या २ इंच का वास्तु के साइज के हिसाब से मोल्ड के टुकड़े का घेरा लगाया जाता है.  नट वोल्ट लगाने के लिए घेरे का साइज १.५ इंच या २ इंच रखा जाता है रिलीसिंग वैक्स पीवी कर के घेरा और वास्तु दोनों का ढलाई किया जाता है.  सूखने के बाद  दूसरे और घेरा लगाकर रिलीसिंग वैक्स, पीवी लगाकर ढलाई किया जाता है.
  
सब मोल्ड के टुकड़े को वास्तु पर घेरे के हिसाब से बारी बारी से ढलाई किया जाता है.  सब मोल्ड के टुकड़े के ढलाई के सेट होने बाद  ग्राइंडर से सफाई किया जाता है.  घेरे वाले भाग को ड्रिल मशीन से छेदाई किया जाता है.  नॉट बोल्ड लगाकर मोल्ड के टुकड़े को एक दूसरे से जोड़ने के लिए घेरे पर छेदाई किया जाता है.  सभी मोल्ड के टुकड़े को बरी बरी से खोलकर पालिश पेपर से घिसाई, सफाई और फाइबर ग्लास के मटेरियल से मरम्मत कर के फाइबर ग्लास के मोल्ड को तैयार किया जाता है. इस तरह से फाइबर ग्लास का मोल्ड तैयार होता है। 
 
 
 
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Theory Study and Learn Fiberglass

फाइबर ग्लास के मोल्ड को ढलाई के लिए तैयार करना  

How can Prepare Mold to Cast Fiberglass

फाइबर ग्लास का काम करने के लिए सबसे पहले फाइबर ग्लास के मोल्ड को थिक तरिके से साफ सफाई  कर के उसमे रिलीसिंग वैक्स को कायदे से ब्रश से लगाया जाता है  फिर उसकों  थोड़ा सूखने के बाद पीवी को ब्रश से लगाया  जाता है  सांचे को पूरी तरीके से सूखने के लिए रख्खा जाता है  चुकी पीवी में पानी का असर होता है  इसलिए सांचे को पूरी तरीके से सुखना  जरूरी  है, कई डिज़ाइन के फाइबर ग्लास के मोल्ड के कई टुकड़े होते है  जिनको नट वाल्ट से जोड़कर तैयार किया जाता है। 

फाइबर ग्लास  के मोल्ड के किनारे वाले घेरे को भी रिलीसिंग वैक्स पीवी किया जाता है ध्यान रहे रिलीसिंग वैक्स और पीवी कही भी बाकि न रहे नहीं तो फाइबर ग्लास के मोल्ड ढलाई के बाद एक दूसरे से  चिपक जायेगा फिर दोनों ढलाई  किया हुआ फाइबर ग्लास वास्तु और फाइबर ग्लास के मोल्ड दोनों  ख़राब हो जायेगा इस तरह से फाइबर ग्लास के मोल्ड को ढलाई के लिए तैयार किया जाता है।   

 

 

फाइबर ग्लास का काम करना सीखे
Mold making in fiberglass

फाइबर ग्लास के ढलाई के लिए सामान तैयार करना

How can Prepare Cast Material of Fiberglass

फाइबर ग्लास के मटेरियल को बनाने के लिए जरूरी सामान  रेजिन कोबाल्ट और पाउडर को आपस में मिलाया जाता है, हार्डनर को जब ढलाई किया जाता है तभी डाला जाता है  हार्डनर को सब सामान के साथ इसलिए नहीं डाला जाता है क्योकि वो मटेरियल को सेट कराने लगता है।   

फाइबर के  मटेरिल को एक बार बनाया जाता है  और उस में से बारम्बार निकलकर हार्डनर को मिलकर सांचे में पोता जाता है  फिर ब्रश को थिनर में धोया जाता है  नहीं तो ब्रश भी सेट होने लगेगा  और वो ख़राब हो जायेगा इसलिए  ब्रश को हर बार धोना जरूरी है। 

मटेरियल दो  प्रकार का बनता है  एक में रेज़िन, कोबाल्ट और पाउडर होता है तह बनाने ले लिए दूसरा रेज़िन होता है उसमे सिर्फ कोबाल्ट मिलाया जाता है  चोप्ड़ स्ट्रैंथ मैट को बैठने के लिए  

 

फाइबर ग्लास का काम
फाइबर ग्लास का काम

 

रेजिन की मात्रा १ लीटर, कोबाल्ट की मात्रा १० ml और हार्डनर की मात्रा ५ ml या काम करने के हिसाब से काम जायदा कर सकते है,  पाउडर को अपना डिज़ाइन के अनुसार से उपयोग कर सकते है  डिज़ाइन के हिसाब से कभी कम कभी जायदा उपयोग कर सकते है, चोप्ड़ स्ट्रैंथ मैट के कई प्रकार होते है उनके मोटाई के हिसाब से अंक दिए होते है वो ३००/४५०/६०० इत्यादि मोटाई के हिसाब से होते है। 
 
ढलाई के रंग के लिए पिग्मेंट आता वो कई रंगो में मिलता है जरूरत के हिसाब से उपयोग किया जाता है। 
 
ब्रश का उपयोग फाइबर ग्लास के वास्तु के ढलाई के लिए किया जाता है।  
 
थिनर का उपयोग ब्रश के धुलाई के लिए किया जाता है। 
 
हाथ में पहनने के लिए रबर के दस्ताने का उपयोग किया जाता है। 
 

फाइबर ग्लास का ढलाई करना 

Casting of Fiberglass Mold

 
फाइबर ग्लास के मटेरियल को ब्रश से सांचे में पोता जाता है  एक तह पूरा होने के बाद अपने काम के हिसाब से तह को बढ़ाया जाता है  हर बार ब्रश को थिनर थोया जाता है  ताकि वो ख़राब न हो जय अंत में चोप्ड़ स्ट्रैंथ मैट को लगाकर रेजिन को कोबाल्ट और हार्डनर के साथ मिला कर मैट को बैठाया जाता है  मटेरियल को सेट होने तक, जब तक की वो मजबूत न हो तब तक रुका जाता है।  
चाकू से किनारे की सफाई कीया जाता है  सांचे को  नट वॉल्ट लगाकर ठीक से बैठाकर जोड़ा जाता  किनारे को मटेरियल और हार्डनर मिलकर जोड़ा जाता है किनारे को जोड़ने के लिए चोप्ड़ स्ट्रैंथ मैट लगाकर  रेजिन के बने मटेरियल को ब्रश के सहायता से बैठाया जाता है।  
      

फाइबर ग्लास का मरम्मत करना  

Prepare of Fiberglass piece to repair

 
 फाइबर ग्लास के मरम्मत करने के लिए सामान को सांचे से बनकर निकलने के बाद उसको घसाई घिसाई की आवश्यकता होता है जिसको ग्राइंडर और पालिश पेपर से किया जाता है जो की ६०, ८०, १००, १२०, १५०, ३०० क्रमांक में मिलता है सबसे पहले ग्राइंडर से किया जाता है जिसके गोल वाले डिस्क होते है आम तौर पर फाइबर ग्लास के मरम्मत के लिय उपयोग  किया जाता है  जिसके घिसाई के लिए उपयोग किया जाता है  जोड़ वाले भाग को ग्राइंडर से घसाई कर के साफ किया जाता है.  
उसके बाद पालिश पेपर से घसाई किया जाता है  जोड़ वाले भाग के  टूटे फूटे भाग को फाइबर गिलास  मटेरियल को हार्डनर मिलहार चाकू से भरा जाता है  चाकू से  सफाई कर के पालिश पेपर से सफाई किया जाता है इस तरह से फाइबर ग्लास के काम को किया जाता है। 
 

फाइबर ग्लास के सामान का धुलाई और रंग रोगन 

Prepare of Fiber Glass Goods for Clean and Painting

 

फाइबर ग्लास के धुलाई करने कारण के लिए सर्फ और  कास्टिक सोडा और सर्फ का इस्तेमाल किया जाता है  थिक से  सूखाकर कर फुहारे वाले मशीन से रंगाई और रोगन किया जाता है  

 

शुरुआती फाइबर ग्लास परियोजनाए

Fiberglass Projects for Beginner

शुरूआती फाइवर ग्लास की परियोजनाए पर काम करने के लिए मुख्य जरूरी है  काम का अच्छा जानकारी और लगने वाले मटेरियल के मात्रा का सही जानकरी और कौन कौन से जरूरी सामान उपक्रम लगते थे वो सभी खुद के पास उपलब्ध होने चाइये जैसे कटर, ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, नट वोल्ट, पक्कड़ कसने के लिए पाना जरूरी पड़ता  है अच्छे कारीगर  के साथ में मदत करने के लिए मजदूर आवश्यकता पड़ता है जो की फाइवर ग्लास की परियोजनाए पर शुरूआती काम को कायदे से किया जा सके और अपने ब्यापारी को अच्छा सामान मुहैया करा सके जिससे उसे अच्छा लगे और पहचान बनकर और अच्छा काम मिल सके।           

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