शांति जीवन का ज्ञान में जीवन का मजा आता है अपने घर परिवार में ख़ुशी पूर्वक रहते है सब के ऊपर खुशी बिखेरते रहते है, जिससे हम सबको अच्छा लगता है, जो साथ में हमारे परिवार जुड़े होते है

जीवन में जितनी शांति होती है। उतना अपने जीवन में ज्ञान बढ़ता है। 

तब जीवन का  मजा आता है। इससे सब अपने घर परिवार में ख़ुशी पूर्वक रहते है। सब के ऊपर ख़ुशी बिखेरते रहते है। जो सबको अच्छा लगता है। शांति जीवन का ज्ञान घर परिवार में फैला हुआ लगता है।   

पारिवारिक शांति के साथ सब अपने घर परिवार जुड़े होते है। 

परिवार के लोगो को  बहुत अच्छा लगता है। हमारा बेटा बहुत अच्छा है। हम पोता बहुत अच्छा है। हमारा भाई  बहुत अच्छा है। हमारा भतीजा बहुत अच्छा है। घर में शांति बनाये रखना ही अपने घरवालो के लिए सबसे बड़ा काबिलियत साबित होते है।  इस शान्ती को भंग करने के लिए कैसे कोई सोच सकता है। वो हम सब के घर और परिवार है। 

दोस्तो में तो शांति ज्यादा होता है ऐसे ही अपने समाज में लोगो के बिच में काम धंधे में  

वाहा लोग आत्मीयता से एक दूसरे से जुड़े होते है। जिससे सभी के विचार एक जैसे होते है। सब संगठित होते है। शांत स्वभाव के लोग में ज्ञान बहुत होता है। समाज के हर वर्ग के लोग से मिलते है। बात विचार करते है। उनके अंदर कोई पड़ेशानी तकलीफ है। तो लोग पड़ेशानी तकलीफ से निकलने का रास्ता बताते है। शांत स्वभाव के लोगो का ज्ञान सबके लिए अच्छा होता है।  

अहम् का भाव कई मामले में होता है। लोगो की एक जुटता में पड़ेशानी उत्पन्न कर देता है।

कोई बोलता है। मै ऐसा हूँ। कोई बोलता है। मै वैसा हूँ। यहाँ पर फिर शांति नहीं रहता है। एक जुटाता नहीं रहता है। वहां शांती की भावना बिलकुल भी नहीं रहता है। वाहा सब बिखरने लगता है। टूटने लगता है। क्या ये सब थीक हैबिलकुल भी नहीं। ऐसा बिलकुल नहीं होना चाहिए। हम क्यों नहीं समझते की एक जुटाता हमें बहुत कुछ देती है। अपने संगठन को मजबूत बनता है। 

इंसानियत ऐसा होना चाहिए की घर परिवार, समज, में दोस्ती यारी हो 

हर कोई काम काजी हो। सबलोग जहा भी रहे। सब एकसाथ मिलजुल कर रहे। मेलजोल से ज्ञान बढ़ता है। आपस में जो अभाव होते है। संघठन की मदत से दूर हो जाते है जिनके अंदर कोई ज्ञान की कमी है। हाव भाव से दुसरो को पता चल जाता है। उसको क्या जरूरत है ? लोग आपस में कुछ बोल भी नहीं पता है। अपनी कमी नहीं बता पता है। ऐसे माहौल में जमकर दोस्त उसका मदत कर के उसका दुभिधा दूर कर देते है। अभावग्रस्त का जानकारी बढ़ जाता है। समाज में मिले जानकारी से जरूरतमंद दुबिधा को दूर कर लेते है। समाज में ज्ञानी जानकर लोगो के रहने से दूसरे आम लोगो को ख़ुशी और शांति मिलता है। 

संघठन अपने करी को मजबूत करते है। 

चाहे घर में हो या बहार हो चाहे समाज में हो या लोगो के बिच हो सब जगह संघठन एक मजबूत बिंदु साबित होता  है।  मान लीजिये की यदि घर में कोई किसी पर मुसीबत पड़ा है तो क्या होगायदि संघठन नहीं होगा। तो वाहा एकता भी नहीं होगा।  फिर कोई किसी का साथ भी नहीं देगा।  वो बेचारा टूट जायेगा।  यही बात समाज में लोगो के बिच भी हो सकता है। हम क्यों नहीं समझते की संघटन, एकता कितनी जरूरी है।  यूवावस्था तो ज्ञान सिखने के लिए ही है।

बगैर ज्ञान के कुछ होता नहीं है।  चाहे कोई भी अवस्था क्यों हो सब ज्ञान के लिए ही होता है। सबसे बड़ा ज्ञान एकता और अखंडता के संघठन का होता है।  जहा तक मेरा मनना है। यदि संघठन कायम हो गया तो हमें बहुत कुछ सिखने को मिलेगा। आपसी मतभेद को दूर होने से तरक्की के दरवाजे खुलेगे। समाज और संसार में नए सिरे से विकाश कायम होगा। सभ्यताए बदलेंगे बनेंगे। संस्कार बढ़ेगा। नकारात्मक ऊर्जा काम होगा।  ऐसे अनगिनत फायदे होंगे। इन सब से दुनिया में शांति ही फैलेगा।  

जीवन का आत्म ज्ञान 

वास्तविक जीवन का ज्ञान सबसे पहले घर परिवर में माता पिता से मिलता है। उनके प्यार दुलार से हमें सबको आदर करने का ज्ञान मिलता है मन सम्मना का ज्ञान बढ़ता है बड़े छोटो का लिहाज समझ आने लग जाता है करी मेहनत करने का ज्ञान अपने मेहनती साथी सलाहकार से मिलता है जीवन में संस्कार बढ़ता है आगे चलकर ज्ञान स्कूल से मिलता है उसके बाद समाज में हमें ज्ञान मिलता है। श्रेष्ठ ज्ञान शांति का ज्ञान ही होता है।  

जीवन का आत्म ज्ञान स्कूल

आत्म ज्ञान हमें सबसे ज्यादा स्कूल में मिलता है। पुस्तके पढ़ते है। सभी प्रकार के ज्ञान से भरे होते है। कविता कहानी नाटक के माध्यम से गुरुजन के अच्छे बताये बात विचार से ज्ञान  मिलता है।  सभी ज्ञान का माध्यम जीवन का विकाश के लिए ही होता है ज्ञान जीवन में शांति बनाये रखने का ही माध्यम होता है। 

जीवन का ज्ञान कहाँ पर मिलता है

जीवन के ज्ञान से स्वयं का विकाश, जीवन में शांति, समाज में आदर भाव के साथ जीवन में शांति सौहाद्र बनाते हुए जीवन का विकाश करना होता है  

आत्म ज्ञान जीवन की पाठशाला

जीवन की पाठशाला में सौहाद्र, शांति, एकता, आदर भाव, सम्मन, बड़े छोटे का लिहाज, समाज के लोगो बीच आत्मीय बनाये रखना। दुखियो का सहारा देना, जरूरत मंद को मदत करना। समाज में अच्छा काम करना। जीवन की पाठशाला में सीखना होता है। 

अपने जीवन का स्कूल, आत्म ज्ञान

जीवन में होने वाले घटना के प्रति सक्रिया रहना बहूत जरूरी है अच्छे बुरे का भेद भाव का समझ कर अच्छाई प्रति जागरूक रहना। आदर सम्मान से मिलता। सौहाद्र पूर्वक बात विचार करना। शांति से हर पड़ेशानी के उलझन को दूर करना। अपने और दूसरो के जीवन में शांति बनाये रखना। जीवन के स्कूल का आत्म ज्ञान है। 

ज्ञान के पवित्र तरीके, जीवन के स्रोत

ज्ञान के पवित्र तरीके जो जीवन के स्रोत है। आदर भाव, बढे छोटे का लिहाज, मा सम्मना, मर्यादा, समाज में जरूरतमंद को मदत करना। दुखिओं को सहारा देना लोगो के बिच आदर समझदारी से बात करना। 

पारिवारिक शांति जीवन का ज्ञान

माता पिता की सेवा करना सर्वोत्तम धर्म और जिम्मेदारी है घर परिवार के लोगो का सहारा बनाना। घर में हर किसी  से सम्मान से बात करना। बच्चो को प्यार से बातचीत करना। घर में हसी ख़ुशी से रहना। 

शांति जीवन का ज्ञान

अपने मन को सदा शांत रखना। दुसरो के हित का ख्याल रखना। निस्वार्थ भाव से सेवा करना। 

शांति मन का ज्ञान

अपने मस्तिष्क को शांत रखना। विवेक बुद्धि का उपयोग करना। मन को एकाग्र रखना। 

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